Monday, May 25, 2026
English edition
Rashtra Wire Rashtra Wire

India, As It Happens

India

सरकार ने घटाई ड्यूटी, अब ₹1 लाख करोड़ नुकसान का अनुमान

May 25, 2026 Source: Rashtra Wire

सरकार ने घटाई ड्यूटी, अब ₹1 लाख करोड़ नुकसान का अनुमान
वैश्विक संकट और लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती कर आम जनता को राहत देने की कोशिश की है। इस फैसले से देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आई है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी कुछ राहत मिली है। हालांकि, इस राहत का असर सरकारी राजस्व पर भारी पड़ने वाला है। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने कहा है कि पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने से सरकार को करीब ₹1 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ेगा। मुंबई में आयोजित स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) के 37वें स्थापना दिवस समारोह में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 प्रति लीटर की कटौती की थी। इसके बाद पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दी गई, जबकि डीजल पर लगने वाली ₹10 की ड्यूटी पूरी तरह समाप्त कर दी गई। पहले केंद्र सरकार एक लीटर पेट्रोल पर कुल ₹21.90 एक्साइज ड्यूटी वसूलती थी। वित्त मंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बनाए जा रहे नकारात्मक माहौल को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक चुनौतियां मुख्य रूप से बाहरी कारणों से जुड़ी हुई हैं। सोना, ईंधन और उर्वरकों के आयात के लिए देश को भारी विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है और इनकी कीमतें वैश्विक बाजार व मुद्रा विनिमय दरों से प्रभावित होती हैं। इसके बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और कई आर्थिक संकेतक देश की मजबूत औद्योगिक मांग और आर्थिक गतिविधियों को दर्शाते हैं। सीतारमण ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो पश्चिम एशिया संकट के दौरान भारत की आर्थिक उपलब्धियों पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर देश की अर्थव्यवस्था को लेकर निराशाजनक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है। इसके अलावा वित्त मंत्री ने सरकारी कंपनियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे MSMEs के भुगतान 45 दिनों की तय समय-सीमा के भीतर करें ताकि छोटे और मध्यम उद्योगों को वित्तीय दबाव का सामना न करना पड़े। वहीं दूसरी ओर तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी है। पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हुआ है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी है, जिससे दोनों ईंधनों के दाम लगभग ₹8 तक बढ़ चुके हैं। नई कीमतें 25 मई सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं। तेल कंपनियों ने इसके पीछे ईरान युद्ध से जुड़े नुकसान और वैश्विक बाजार में बढ़ते दबाव को मुख्य कारण बताया है।