LIC Bima Sakhi Yojana : महिलाओं को सैलरी के साथ मिलेगा कमीशन भी
May 29, 2026 Source: Rashtra Wire
भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा शुरू की गई ‘बीमा सखी योजना’ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में रहने वाली महिलाओं के लिए यह योजना रोजगार और नियमित आय का एक अच्छा माध्यम बनकर सामने आई है। इस योजना के जरिए महिलाएं घर और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी कमाई भी शुरू कर सकती हैं।
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें शामिल होने वाली महिलाओं को शुरुआत में केवल कमीशन पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। LIC महिलाओं को पहले तीन साल तक हर महीने तय मानदेय (स्टाइपेंड) भी देती है, जिससे उन्हें शुरुआत में आर्थिक सुरक्षा मिलती है। पहले साल महिलाओं को हर महीने 7,000 रुपये, दूसरे साल 6,000 रुपये और तीसरे साल 5,000 रुपये का मानदेय दिया जाता है। इसके अलावा, वे बीमा पॉलिसी बेचकर अलग से कमीशन भी कमा सकती हैं।
बीमा सखी योजना में आवेदन करने के लिए महिला उम्मीदवार की उम्र 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास रखी गई है। यही कारण है कि कम पढ़ी-लिखी महिलाएं भी इस योजना से जुड़कर रोजगार का लाभ उठा सकती हैं। LIC ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को प्राथमिकता देती है ताकि गांवों में भी बीमा सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जा सके।
हालांकि, योजना में कुछ शर्तें भी लागू हैं। जिन महिलाओं के परिवार में पहले से कोई LIC एजेंट या कर्मचारी मौजूद है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं मानी जाएंगी। इसके अलावा, योजना के लाभ जारी रखने के लिए महिलाओं द्वारा बेची गई कम से कम 65 प्रतिशत पॉलिसियों का सक्रिय रहना जरूरी है।
LIC इस योजना के तहत महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान करती है। प्रशिक्षण में बीमा योजनाओं की जानकारी, ग्राहकों से बातचीत करने का तरीका और बिक्री से जुड़ी जरूरी तकनीकें सिखाई जाती हैं। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद महिलाएं लंबे समय तक LIC एजेंट के रूप में काम कर सकती हैं और अच्छी आय अर्जित कर सकती हैं।
इच्छुक महिलाएं LIC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन के दौरान उम्र, पता और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। आसान प्रक्रिया और बेहतर कमाई के अवसरों की वजह से यह योजना महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का शानदार मौका मानी जा रही है।