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FEMA मामले में वेदांता पर छापा, अनिल अग्रवाल की बढ़ सकती हैं मुश्किलें ....
June 2, 2026 Source: Rashtra Wire
नई दिल्ली। देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों में शामिल वेदांता ग्रुप एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े एक मामले में कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और समूह से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई सोमवार से जारी है और जांच एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों तथा वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
हालांकि अब तक ईडी या वेदांता ग्रुप की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसी फिलहाल जानकारी साझा करने से बच रही है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई FEMA नियमों के संभावित उल्लंघन से संबंधित जांच का हिस्सा है।
गौरतलब है कि यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में वेदांता को अपने बड़े डीमर्जर प्लान के लिए सिक्योर्ड लेनदारों की मंजूरी मिली थी। इस योजना के तहत कंपनी को पांच अलग-अलग स्वतंत्र कंपनियों में विभाजित किया जाना है। उद्योग जगत में इस पुनर्गठन को वेदांता की भविष्य की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
FEMA का उद्देश्य भारत में विदेशी मुद्रा से जुड़े लेन-देन को नियंत्रित और पारदर्शी बनाए रखना है। ईडी उन मामलों की जांच करती है जिनमें विदेशी निवेश, धन हस्तांतरण, विदेशों में संपत्ति अर्जन या अन्य विदेशी मुद्रा संबंधी नियमों के उल्लंघन की आशंका होती है।
वेदांता ग्रुप का नाम पहले भी विदेशी मुद्रा मामलों में सामने आ चुका है। वर्ष 2004 में ईडी ने स्टरलाइट इंडस्ट्रीज और उसके प्रमोटर निदेशकों को तत्कालीन फेरा (FERA) तथा फेमा (FEMA) नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया था, जिसके बाद कंपनी और संबंधित अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया था।
इसके अलावा हाल के महीनों में भी वेदांता विभिन्न विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। अप्रैल 2026 में छत्तीसगढ़ के सक्ती स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर विस्फोट में 25 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में चेयरमैन अनिल अग्रवाल सहित कई जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। वहीं मई 2026 में ओडिशा में बिना अनुमति जल उपयोग के आरोप में वेदांता एल्युमीनियम पर ₹233 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया गया था।
वेदांता भारत की अग्रणी खनन और धातु कंपनियों में शामिल है। कंपनी एल्युमीनियम, जिंक, तेल और गैस जैसे क्षेत्रों में कारोबार करती है तथा आने वाले वर्षों में देश में करीब ₹2 लाख करोड़ के निवेश की योजना पर काम कर रही है। फिलहाल ईडी की इस कार्रवाई पर उद्योग जगत और निवेशकों की नजर बनी हुई है।