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भारत का नया स्ट्रैटेजिक मूव: 12 परमाणु हथियार अब तैयार...
June 12, 2026 Source: Rashtra Wire
यह रिपोर्ट दक्षिण एशिया की रणनीतिक स्थिति और भारत की परमाणु क्षमताओं में आए कथित बदलावों पर आधारित है, जिसने क्षेत्रीय तनाव को फिर से चर्चा में ला दिया है। SIPRI (स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट) की ताजा रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि भारत ने अपनी परमाणु क्षमता को नए स्तर पर पहुंचा दिया है। रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भारत के कुछ परमाणु हथियार अब केवल भंडारण अवस्था में नहीं हैं, बल्कि उन्हें “ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट” यानी सक्रिय तैनाती की श्रेणी में रखा जा रहा है, जिससे उनकी त्वरित उपयोग क्षमता बढ़ जाती है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत के पास लगभग 190 परमाणु वॉरहेड मौजूद हैं। इनमें से कुछ को पहली बार परिचालन स्थिति में माना गया है। इस बदलाव को भारत की रणनीतिक तैयारी और प्रतिरोधक क्षमता में एक महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से मिसाइल तकनीक में हो रहे विकास, जैसे कैनिस्टराइजेशन, को भी इसमें अहम बताया गया है। इस तकनीक के तहत मिसाइलों को पहले से सीलबंद और तैयार अवस्था में रखा जाता है, जिससे जरूरत पड़ने पर उन्हें बहुत कम समय में लॉन्च किया जा सकता है।
रिपोर्ट के सामने आने के बाद पाकिस्तान ने इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए चिंता जताई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत की बढ़ती सामरिक क्षमताओं को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बताया है। साथ ही उसने भारत की परमाणु-सक्षम पनडुब्बियों, लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों और समुद्र आधारित प्रतिरोधक क्षमता का भी उल्लेख किया है।
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन बनाए रखने के लिए इस स्थिति पर ध्यान दिया जाए। हालांकि रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अपनी घोषित “नो फर्स्ट यूज” नीति के तहत केवल अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है। ऐसे में इसे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक चिंता के रूप में देखा जा रहा है।