TMC संकट: स्पीकर कार्यालय ने ममता गुट के सांसदों को भी बुलाया...
June 16, 2026 Source: Rashtra Wire
चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी के कई सांसद और विधायक ममता बनर्जी का साथ छोड़ चुके हैं। इसी बीच 20 बागी सांसदों में से 17 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर लोकसभा में अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने गुट के नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की जानकारी भी दी है।
हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहते हैं। पीटीआई के अनुसार, स्पीकर कार्यालय ने ममता बनर्जी खेमे के सांसदों को भी ईमेल भेजकर उनका पक्ष रखने के लिए बुलाया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। माना जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र से पहले इस मामले में निर्णय आ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, स्पीकर कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कानून मंत्रालय की राय भी ले सकते हैं।
संवैधानिक विशेषज्ञ और पूर्व लोकसभा महासचिव पीडीटी आचार्य का कहना है कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत सांसद या विधायक व्यक्तिगत रूप से किसी दूसरी पार्टी में विलय नहीं कर सकते। केवल राजनीतिक दल का नेतृत्व ही विलय का फैसला कर सकता है। वहीं, पूर्व चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने भी बागी सांसदों के NCPI में विलय के प्रस्ताव को असामान्य व्यवस्था बताया है।
इधर, TMC का आरोप है कि अभिषेक बनर्जी को स्पीकर कार्यालय की बैठक में शामिल होने के लिए केवल दो घंटे का समय दिया गया था। उस दौरान वह ED की पूछताछ में व्यस्त थे। पार्टी का कहना है कि बैठक के लिए नई तारीख देने का अनुरोध भी किया गया था।
इस बीच, बागी सांसदों ने साफ संकेत दिया है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले NDA के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।