Telecom Rules Revamp: यूजर्स का डेटा रहेगा भारत में, कंपनियों को नई राहत
June 25, 2026 Source: Rashtra Wire
केंद्र सरकार ने देश के टेलीकॉम सेक्टर में बड़े सुधारों की घोषणा करते हुए नए नियम लागू किए हैं। दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा जारी इन नियमों का मुख्य उद्देश्य डेटा सुरक्षा को मजबूत करना, टेलीकॉम सेवाओं को सरल बनाना और डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना है।
नए प्रावधानों के तहत अब भारतीय मोबाइल और इंटरनेट यूजर्स का डेटा, कॉल रिकॉर्ड और नेटवर्क से जुड़ी जानकारी देश के भीतर ही स्टोर करनी होगी। टेलीकॉम कंपनियां बिना सरकारी अनुमति के इस डेटा को किसी विदेशी संस्था के साथ साझा नहीं कर सकेंगी। इससे डेटा लीक की आशंका कम होगी और यूजर्स की प्राइवेसी को बेहतर सुरक्षा मिलेगी।
सरकार ने वर्षों पुरानी जटिल लाइसेंस व्यवस्था को भी समाप्त कर दिया है। अब कंपनियां नए Telecom e-Services Portal के माध्यम से ऑनलाइन मंजूरी प्राप्त कर सकेंगी। इससे कागजी प्रक्रियाएं कम होंगी और नई सेवाओं को शुरू करने में लगने वाला समय घटेगा।
पहले से लाइसेंस प्राप्त कंपनियों को भी नई ऑथराइजेशन प्रणाली अपनाने का विकल्प दिया गया है, जिससे उनका प्रशासनिक बोझ कम होगा और संचालन अधिक आसान बनेगा। इसके अलावा, एकीकृत डिजिटल प्रक्रिया से कंपनियों की लागत घटने की संभावना है, जिसका लाभ ग्राहकों को बेहतर और किफायती कॉलिंग व डेटा प्लान्स के रूप में मिल सकता है।
सरकार ने सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं देने वाली कंपनियों, जैसे Starlink, के लिए भी सख्त नियम तय किए हैं। उन्हें अपने मुख्य गेटवे स्टेशन भारत में स्थापित करने होंगे। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार के लिए विशेष सुरक्षा मंजूरी आवश्यक होगी।
कुल मिलाकर, नए नियम डेटा सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और बेहतर टेलीकॉम सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं, जिसका सीधा लाभ देश के करोड़ों मोबाइल और इंटरनेट यूजर्स को मिलेगा।