अभिजीत दीपके बोले- आंदोलन सिर्फ NEET तक नहीं, चुनावी व्यवस्था भी होगी निशाने पर
June 29, 2026 Source: Rashtra Wire
दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारों के समर्थक सोनम वांगचुक ने रविवार को भूख हड़ताल शुरू कर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को समर्थन दिया। यह प्रदर्शन कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में आयोजित किया गया था। आंदोलन शुरू होने से पहले सोनम वांगचुक और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
इस दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन अब केवल शिक्षा व्यवस्था और नीट विवाद तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में चुनावी प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता, जवाबदेही और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे मुद्दों को भी अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा। उनका कहना था कि उद्देश्य केवल परीक्षा व्यवस्था में बदलाव नहीं, बल्कि विभिन्न संस्थागत सुधारों की मांग को आगे बढ़ाना है।
सोनम वांगचुक ने कहा कि शिक्षा उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण विषय रहा है और पिछले चार दशकों से वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय पर लोगों की चिंताओं को गंभीरता से लेती, तो इस तरह के विरोध प्रदर्शनों की जरूरत नहीं पड़ती। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि कई किसान नेताओं को जंतर-मंतर पहुंचने से रोका गया। वहीं, जयपुर के एक स्कूल में छात्रा की मौत के मामले में न्याय की मांग कर रहा पीड़ित परिवार भी आंदोलन में शामिल हुआ। परिवार का आरोप है कि घटना के काफी समय बाद भी पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं की और अब तक किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई।