AICTE ने 58 इंजीनियरिंग कॉलेज किए बंद, नए छात्रों के एडमिशन पर लगी रोक
July 5, 2026 Source: Rashtra Wire
देश में तकनीकी शिक्षा से जुड़ा एक बड़ा फैसला सामने आया है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान देशभर के 58 इंजीनियरिंग और तकनीकी कॉलेजों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की पुष्टि की है। हालांकि, इन संस्थानों में पहले से पढ़ाई कर रहे छात्रों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। AICTE ने स्पष्ट किया है कि सभी मौजूदा छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे और उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार डिग्री भी मिलेगी।
AICTE के मुताबिक, चरणबद्ध बंदी (Progressive Closure) का मतलब यह है कि संबंधित कॉलेज नए शैक्षणिक सत्र में प्रथम वर्ष के छात्रों का दाखिला नहीं ले पाएंगे। लेकिन पहले से नामांकित छात्रों की पढ़ाई पहले की तरह जारी रहेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रखना और उनकी शिक्षा में किसी प्रकार का व्यवधान न आने देना है।
परिषद द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 12-12 कॉलेज उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बंद किए गए हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश में 8, तेलंगाना और पंजाब में 4-4, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में 3-3, जबकि गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में 2-2 कॉलेजों को चरणबद्ध रूप से बंद किया गया है। वहीं हरियाणा, ओडिशा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में एक-एक संस्थान इस सूची में शामिल हैं।
AICTE ने यह भी बताया कि इसी अवधि में देशभर के इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों के 950 से अधिक पाठ्यक्रम भी बंद किए गए हैं। इनमें केवल तीन सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान शामिल हैं, जबकि बाकी सभी निजी वित्तपोषित कॉलेज हैं। इन संस्थानों में नए छात्रों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, परिषद ने अभी तक यह नहीं बताया है कि इन कॉलेजों और पाठ्यक्रमों को बंद करने के पीछे मुख्य कारण क्या रहे।
AICTE के नियमों के अनुसार, चरणबद्ध बंदी और पूर्ण बंदी में अंतर होता है। चरणबद्ध बंदी के दौरान केवल नए प्रवेश रोके जाते हैं, जबकि मौजूदा छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं। वहीं पूर्ण बंदी की स्थिति में संस्थान के सभी पाठ्यक्रम समाप्त कर दिए जाते हैं और प्रभावित छात्रों को अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों में स्थानांतरित किया जाता है।