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ईरान प्रस्ताव पर ट्रंप का इनकार, दोहराई सख्त चेतावनी

May 2, 2026

ईरान प्रस्ताव पर ट्रंप का इनकार, दोहराई सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान के साथ समझौते की संभावनाओं को ठुकराते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा, क्योंकि इससे वैश्विक सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने ईरानी प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए कहा कि वह उसकी शर्तों से संतुष्ट नहीं हैं और ऐसी डील स्वीकार नहीं करेंगे जो अमेरिका के हितों के खिलाफ हो। ट्रंप ने अपने बयान में ईरान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “हम पागलों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं दे सकते।” उन्होंने आशंका जताई कि यदि ईरान को परमाणु हथियार मिलते हैं, तो वह सबसे पहले Israel को निशाना बना सकता है, जिसके बाद मध्य पूर्व और यूरोप भी खतरे में आ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अंततः इसका असर अमेरिका पर भी पड़ सकता है। इससे पहले पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए आए प्रस्ताव पर भी ट्रंप ने असंतोष जताया था। उनका कहना है कि ईरान ऐसी शर्तें रख रहा है जिन्हें अमेरिका किसी भी हालत में स्वीकार नहीं कर सकता। ट्रंप ने दोहराया कि किसी भी संभावित समझौते से पहले ईरान को अपने समृद्ध यूरेनियम (enriched uranium) को सौंपना होगा और परमाणु कार्यक्रम पर स्पष्ट बातचीत करनी होगी। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, खासकर B-2 बॉम्बर्स के इस्तेमाल से ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ईरान अब कमजोर स्थिति में है और उसके पास प्रभावी नौसेना, वायुसेना या रडार सिस्टम नहीं बचा है। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान पर पूरी तरह से हमला करेगा, तो उन्होंने कहा कि मानवीय आधार पर वह ऐसा नहीं करना चाहते, लेकिन एक मजबूत और स्थायी समाधान चाहते हैं। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को “दुष्ट” करार देते हुए उस पर गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप भी लगाए, जिसमें हजारों प्रदर्शनकारियों की हत्या का दावा शामिल है। वहीं, ईरान की ओर से कहा गया है कि पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जाए और परमाणु मुद्दे पर बाद में बातचीत की जाए। लेकिन ट्रंप प्रशासन चाहता है कि दोनों मुद्दों पर एक साथ चर्चा हो। यही मतभेद फिलहाल दोनों देशों के बीच समझौते की राह में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।