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2027 जनगणना: छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रक्रिया की शुरुआत

May 2, 2026

2027 जनगणना: छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रक्रिया की शुरुआत
रायपुर, 02 मई 2026 — छत्तीसगढ़ में भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। इस चरण में मकानों की सूचीकरण और गणना का फील्ड कार्य 1 मई से शुरू होकर 30 मई 2026 तक चलेगा। यह अभियान पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर संचालित किया जा रहा है, जिसमें 51,300 प्रगणक (एन्यूमरेटर) और लगभग 9,000 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। ये सभी कर्मचारी घर-घर जाकर नागरिकों से जुड़ी आवश्यक जानकारी एकत्र कर रहे हैं। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास है, क्योंकि इसे पूरी तरह डिजिटल मोड में आयोजित किया जा रहा है। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए डेटा एकत्र कर रहे हैं, जिसमें मकानों की स्थिति, परिवारों को मिलने वाली सुविधाएं और अन्य परिसंपत्तियों से जुड़े कुल 33 सवाल शामिल हैं। इससे न केवल प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी है, बल्कि डेटा की सटीकता भी बढ़ी है। प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण कार्य को लेकर सख्ती भी दिखाई है। रायपुर नगर निगम में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 44 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में लापरवाही या बाधा डालना दंडनीय अपराध है। अभियान के दौरान कई प्रेरणादायक उदाहरण भी सामने आए हैं। बस्तर जिले के तोकापाल तहसील के ग्राम गाटम में एक प्रगणक ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन अपना कार्य पूरा कर लिया, जिससे पूरे राज्य में उत्साह का माहौल बना। इसके अलावा, जिला कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त भी फील्ड में जाकर कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं और टीम का हौसला बढ़ा रहे हैं। डिजिटल साक्षरता का सकारात्मक असर भी देखने को मिला है। 16 से 30 अप्रैल के बीच राज्य में 1,49,862 परिवारों ने वेब पोर्टल के जरिए स्वयं अपनी गणना पूरी की, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। जनगणना निदेशालय ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत यह डेटा किसी भी टैक्स, पुलिस जांच या न्यायिक प्रक्रिया में उपयोग नहीं किया जा सकता और न ही इसे सूचना के अधिकार के तहत साझा किया जा सकता है। इन आंकड़ों का इस्तेमाल केवल सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। अंत में, प्रशासन ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही और सटीक जानकारी देकर इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करें। यह न सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया है, बल्कि देश के विकास में हर नागरिक का महत्वपूर्ण योगदान भी है।