Monday, May 25, 2026
English edition
Rashtra Wire Rashtra Wire

India, As It Happens

India

धान की जगह फूल: बदली किस्मत की कहानी

May 2, 2026

धान की जगह फूल: बदली किस्मत की कहानी
छत्तीसगढ़ में खेती की तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। जहाँ पहले किसान पारंपरिक धान की खेती पर निर्भर रहते थे, वहीं अब कई किसान फूलों की खेती अपनाकर अपनी आय में बड़ा बदलाव ला रहे हैं। इसी बदलाव की एक प्रेरणादायक मिसाल रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के छोटे से गाँव कोड़केल के किसान आनंदराम सिदार ने पेश की है। पहले आनंदराम सिदार धान की खेती करते थे। 10 क्विंटल धान उत्पादन से उन्हें करीब 31 हजार रुपये की कुल आमदनी होती थी, जिसमें लागत निकालने के बाद केवल 22 हजार रुपये का ही मुनाफा बचता था। कम आय और बढ़ती लागत के कारण वे आर्थिक रूप से संतुष्ट नहीं थे। लेकिन समय के साथ उन्होंने नई दिशा में कदम बढ़ाने का निर्णय लिया। उद्यानिकी विभाग और राष्ट्रीय बागवानी मिशन के मार्गदर्शन से आनंदराम ने 0.400 हेक्टेयर भूमि में गेंदा फूल की खेती शुरू की। उन्हें उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक उपयोग और आधुनिक खेती तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इस वैज्ञानिक पद्धति और मेहनत के परिणामस्वरूप उन्होंने 2025-26 में लगभग 44 क्विंटल गेंदा फूल का उत्पादन किया। इस उत्पादन से आनंदराम को 3 लाख रुपये से अधिक की आय हुई, जो धान की खेती की तुलना में कई गुना अधिक थी। कम समय में अधिक लाभ ने उनकी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। अब वे न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अपने परिवार को बेहतर जीवन भी प्रदान कर रहे हैं। आनंदराम सिदार की सफलता ने पूरे क्षेत्र के किसानों को प्रेरित किया है। अब कई किसान धान की जगह गेंदा और अन्य फूलों की खेती को एक लाभकारी विकल्प के रूप में अपनाने लगे हैं। उद्यानिकी विभाग भी लगातार प्रशिक्षण और प्रोत्साहन देकर किसानों को नई तकनीकों से जोड़ रहा है। यह कहानी दिखाती है कि सही मार्गदर्शन, नई तकनीक और मेहनत के बल पर किसान अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं और खेती को एक सफल व्यवसाय बना सकते हैं।