Monday, May 25, 2026
English edition
Rashtra Wire Rashtra Wire

India, As It Happens

India

केजरीवाल-सिसोदिया केस में बड़ा अपडेट, अदालत ने एमिकस किए नियुक्त

May 5, 2026 Source: Rashtra Wire

केजरीवाल-सिसोदिया केस में बड़ा अपडेट, अदालत ने एमिकस किए नियुक्त
दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे एक महत्वपूर्ण मामले में अदालत ने बड़ा आदेश जारी किया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और नेता दुर्गेश पाठक से जुड़े केस में उनके पक्ष को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए ‘एमिकस क्यूरी’ (न्याय मित्र) नियुक्त करने का निर्णय लिया है। अदालत का कहना है कि तीनों नेताओं की ओर से कोई वकील पेश नहीं हुआ, इसलिए उनकी कानूनी दलीलों को अदालत के सामने रखने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं की नियुक्ति जरूरी है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि केजरीवाल, सिसोदिया और दुर्गेश पाठक कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए हैं। इस पर न्यायालय ने निर्देश दिया कि प्रत्येक के लिए एक-एक वरिष्ठ अधिवक्ता को एमिकस क्यूरी के रूप में नियुक्त किया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक इनकी ओर से कानूनी पक्ष प्रस्तुत नहीं किया जाएगा, तब तक सीबीआई की दलीलें नहीं सुनी जाएंगी। इस दौरान अदालत ने एक अन्य प्रतिवादी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया, जिसने अब तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया था। कोर्ट ने उस पक्ष का जवाब दाखिल करने का अधिकार समाप्त कर दिया और मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी। यह मामला कथित शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा 23 आरोपियों को दी गई राहत को सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इस केस की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में जारी है। इससे पहले केजरीवाल ने मामले को किसी अन्य जज को ट्रांसफर करने की मांग की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद केजरीवाल ने रिक्यूजल याचिका दाखिल करते हुए न्यायाधीश की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। तीनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वे न तो अदालत में पेश होंगे और न ही अपनी ओर से कोई वकील भेजेंगे। केजरीवाल ने हितों के टकराव का आरोप लगाते हुए दावा किया कि जज के परिजनों का संबंध सरकारी वकीलों के पैनल से है, जिससे उन्हें निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद नहीं है। अदालत ने हालांकि स्पष्ट कर दिया है कि सुनवाई उसी पीठ के सामने जारी रहेगी।