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‘हटाना है तो हटाओ’—ममता का बड़ा राजनीतिक दांव

May 6, 2026 Source: Rashtra Wire

‘हटाना है तो हटाओ’—ममता का बड़ा राजनीतिक दांव
Mamata Banerjee ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा है कि वह इस्तीफा नहीं देंगी, चाहे उन्हें पद से हटाया ही क्यों न जाए। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक में उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के कई उम्मीदवारों को “साजिश के तहत हराया गया” है। बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने Election Commission of India, पश्चिम बंगाल पुलिस, CRPF और मुख्य निर्वाचन अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव निष्पक्ष नहीं था। उन्होंने दावा किया कि TMC के 1500 से अधिक पार्टी कार्यालयों पर कब्जा कर लिया गया और उनके साथ धक्का-मुक्की भी हुई। उन्होंने इस चुनाव को “लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं बल्कि अत्याचार” बताया और संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने कहा कि अब INDIA Alliance पहले से ज्यादा एकजुट है और आगे की रणनीति मिलकर तय की जाएगी। ममता बनर्जी ने पार्टी के अंदर अनुशासन पर भी जोर देते हुए चेतावनी दी कि जो नेता विश्वासघात करेंगे, उन्हें तुरंत बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी बैठक में 10 विधायक अनुपस्थित रहे, जिससे पार्टी के अंदर हलचल की स्थिति भी सामने आई है। उन्होंने विधायकों से विधानसभा के पहले दिन काले कपड़े पहनने की अपील की, इसे “काला दिन” बताते हुए विरोध दर्ज करने की रणनीति का हिस्सा बताया। वहीं, TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने चुनाव के दौरान हुई हिंसा के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। इस बीच, राज्य में चुनाव परिणामों के बाद सरकार गठन की संवैधानिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग की भूमिका केवल चुनाव कराना और परिणाम घोषित करना है, जबकि आगे की प्रक्रिया संविधान के तहत होती है।