Monday, May 25, 2026
English edition
Rashtra Wire Rashtra Wire

India, As It Happens

India

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन ने पीछे खींचे अपने कदम

May 13, 2026 Source: Rashtra Wire

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन ने पीछे खींचे अपने कदम
कथित 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री Jacqueline Fernandez ने बड़ा यू-टर्न लेते हुए सरकारी गवाह (अप्रूवर) बनने की अपनी याचिका वापस ले ली है। यह मामला कथित ठग Sukesh Chandrashekhar से जुड़ा हुआ है, जिस पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं। जैकलीन ने यह याचिका विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत में दाखिल की थी, लेकिन बाद में उसे वापस लेने का फैसला किया। उनके वकील आशीष बत्रा ने भी इसकी पुष्टि की। ईडी ने अदालत में जैकलीन की अर्जी का कड़ा विरोध किया था। एजेंसी का कहना था कि अभिनेत्री खुद को इस मामले में “अनजान पीड़िता” बताकर बचने की कोशिश कर रही हैं, जबकि जांच में मिले सबूत कुछ और ही संकेत देते हैं। ईडी के अनुसार, जैकलीन को सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक रिकॉर्ड और उसकी गतिविधियों की जानकारी थी, इसके बावजूद वह लगातार उसके संपर्क में रहीं और उससे महंगे गिफ्ट तथा लग्जरी सुविधाएं स्वीकार करती रहीं। जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया कि सुकेश ने कथित अपराध से अर्जित पैसों का बड़ा हिस्सा जैकलीन और उनके परिवार पर खर्च किया। ईडी के मुताबिक, अभिनेत्री ने न केवल खुद इन सुविधाओं का लाभ उठाया, बल्कि अपने परिवार के सदस्यों के लिए भी आर्थिक लाभ स्वीकार किए। एजेंसी ने अदालत में कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों से यह साफ होता है कि पैसों के स्रोत को लेकर जानबूझकर अनदेखी की गई। ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान जैकलीन का रवैया असहयोगात्मक रहा। एजेंसी के अनुसार, उनके कई बयान विरोधाभासी और अधूरे थे। जांच के दौरान उन्हें बार-बार सबूतों के आधार पर सवालों का सामना करना पड़ा। ईडी ने दावा किया कि अभिनेत्री ने कई महत्वपूर्ण तथ्यों, जैसे नकद लेन-देन, महंगे गिफ्ट, विदेश में परिवार को भेजे गए पैसे और अन्य संबंधों से जुड़े मामलों से इनकार किया। एजेंसी ने अदालत में यह तर्क भी दिया कि ऐसे व्यक्ति को अप्रूवर बनाना कानून की प्रक्रिया और उसके उद्देश्य को कमजोर करेगा, क्योंकि सरकारी गवाह बनने के लिए पूरी सच्चाई और सहयोग आवश्यक होता है। ईडी का कहना था कि जैकलीन इस मामले में केवल लाभार्थी ही नहीं, बल्कि कथित तौर पर अपराध से मिली रकम की बड़ी लाभ पाने वालों में शामिल थीं। गौरतलब है कि ईडी ने अपने पूरक आरोपपत्र में पहली बार जैकलीन फर्नांडिस को आरोपी बनाया था। इससे पहले Delhi High Court ने जुलाई 2025 में उनकी उस याचिका को भी खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने ईसीआईआर रद्द करने की मांग की थी।