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चंद्रपुर में बाघ का कहर: जंगल गईं चार महिलाएं लौटकर नहीं आईं

May 22, 2026 Source: Rashtra Wire

चंद्रपुर में बाघ का कहर: जंगल गईं चार महिलाएं लौटकर नहीं आईं
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में शुक्रवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और भयावह घटना सामने आई, जहां बाघ के हमले में चार महिलाओं की मौत हो गई। यह हादसा सिंदेवाही तहसील के गुंजेवाही गांव के पास स्थित जंगल में हुआ, जो जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, गांव की कई महिलाएं रोज की तरह जंगल में तेंदूपत्ता इकट्ठा करने गई थीं। तेंदूपत्ता का उपयोग मुख्य रूप से बीड़ी बनाने में किया जाता है और यह ग्रामीण परिवारों की आमदनी का एक बड़ा जरिया माना जाता है। महिलाएं जंगल में पत्ते तोड़ने में व्यस्त थीं, तभी झाड़ियों में छिपे एक बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमला इतना तेज और खतरनाक था कि चारों महिलाओं को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस घटना में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान कावड़ाबाई मोहुर्ले (45), अनिताबाई मोहुर्ले (40), सुनीता मोहुर्ले (38) और संगीता चौधरी (50) के रूप में हुई है। सभी महिलाएं गुंजेवाही गांव की निवासी थीं। बताया जा रहा है कि बाघ ने महिलाओं पर अलग-अलग जगहों पर हमला किया या एक साथ हमला किया, इसकी जांच अभी जारी है। घटना के बाद जंगल में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इलाके में बाघ की तलाश के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है ताकि आगे किसी और हादसे को रोका जा सके। यह घटना चंद्रपुर जिले के इतिहास की सबसे खौफनाक घटनाओं में से एक मानी जा रही है, क्योंकि एक ही दिन में बाघ के हमले में चार लोगों की मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया है। ग्रामीणों में भारी डर और गुस्सा देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में सुरक्षा बढ़ाई जाए और आदमखोर बाघ को जल्द पकड़ा जाए। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जंगल में निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल गांव के लोगों को जंगल में अकेले न जाने की सलाह दी गई है।