Sunday, May 24, 2026
English edition
Rashtra Wire Rashtra Wire

India, As It Happens

Development

2027-28 तक हजारों जल योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य तय

May 23, 2026 Source: Rashtra Wire

2027-28 तक हजारों जल योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य तय
2027-28 तक हजारों जल योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य तय
2027-28 तक हजारों जल योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य तय
*जल जीवन मिशन के तहत 8555 योजनाओं का ग्राम पंचायतों द्वारा संचालन* *जल जीवन मिशन 2.0 में पेयजल योजनाओं को पूर्ण करने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बनाया रोडमैप* *उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा* *अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप समय-सीमा में योजनाएं पूर्ण करने के निर्देश* *तय होगी जवाबदेही, लापरवाही एवं लेट-लतीफी पर कार्रवाई होगी* रायपुर. 23 मई 2026. उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा मैदानी अधिकारियों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों, नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं एवं प्रदेश में ग्रीष्म काल में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। राज्य के सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव तथा जल जीवन मिशन के संचालक श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता श्री के.के. मरकाम भी बैठक में मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने आगामी दो वर्षों के रोडमैप पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को मिशन के शेष कार्यों को गंभीरता, सक्रियता और तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर काम की गति और पूर्णता से ही केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कार्यों के लिए राशि जारी की जाएगी। जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को और ज्यादा फोकस एवं बारीकी से करना है। उन्होंने कहा की वर्तमान समय में पेयजल आपूर्ति अधिकांशतः शासकीय व्यवस्था पर ही आश्रित है। जल आपूर्ति की अपर्याप्त व्यवस्था या इसमें किसी तरह की बाधा आने पर लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके लिए विभाग को दूरदृष्टि एवं पूर्वानुमान के साथ काम करने की जरूरत है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में हर गांव की पेयजल व्यवस्था की समय-समय पर जांच करने और किसी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने जहां-जहां जल जीवन मिशन के काम पूरे हो गए हैं, वहां हर घर जल का सत्यापन कराकर योजनाओं के संचालन-संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपने को कहा। उन्होंने विभाग के सभी मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को कलेक्टरों से चर्चा कर प्रत्येक योजना की प्रगति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यपालन अभियंताओं के कार्यों में सक्रिय सहयोग कर योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने ग्रीष्म काल में प्रदेश की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत करने और जलस्तर के नीचे चले जाने के कारण सूख चुके हैंडपंपों में राइजर पाइप बढ़ाकर जलापूर्ति दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर तत्परता से नया ट्यूबवेल भी खोदने को कहा। श्री साव ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जलजनित रोगों से बचाव के लिए भी पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए गंदे पानी की आपूर्ति रोकने, नालियों से गुजरने वाले पाइपलाइनों को बदलने तथा जल की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण करने को कहा। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने विभागीय अधिकारियों से लोगों को बारिश के पानी को संचित करने, वृक्षारोपण, जलस्रोतों के संरक्षण-संवर्धन और रेन-वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित करने को कहा। भविष्य में जल की पर्याप्त उपलब्धता के लिए ये बहुत जरूरी है। उन्होंने बैठक में नक्सल प्रभावित रहे जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देते हुए पहुंचविहीन एवं दूरस्थ वनांचलों में भी स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के विभिन्न प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक श्री ओंकेश चंद्रवंशी और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री एस.एल. पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। *वर्ष 2026-27 में 13,183 और 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य* लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में जल जीवन मिशन के तहत प्रगतिरत 13 हजार 183 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूर्ण किया जाएगा। इस दौरान क्रमशः 22 और 48 समूह जल प्रदाय योजनाओं के काम भी पूर्ण किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी 7060 गांव हर घर जल रिपोर्टेड हैं, जिनमें से 6018 गांवों का सत्यापन भी किया जा चुका है। राज्य में 8555 एकल ग्राम नल जल योजनाओं को पूर्ण कर संचालन-संधारण के लिए ग्राम पंचायतों को हैंडओवर किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंपों के साथ ही अभी 30 हजार 624 सिंगल-फेज पॉवर पंपों, 15 हजार 616 सौर-ऊर्जा संचालित पंपों और 9385 नल जल योजनाओं के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। ग्रीष्म काल में पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने 19 हजार 807 खराब हैंडपंपों को तत्काल सुधारा गया है। गांवों और वनांचलों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति के लिए हैंडपंपों में 31 हजार 664 मीटर राइजर पाइप बदलने के साथ ही 20 हजार 788 मीटर राइजर पाइप बढ़ाए गए हैं।