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IIT तकनीक से बदलेगी दिल्ली की हवा, पहली बार लगी डस्ट कलेक्टर मशीनें

May 23, 2026 Source: Rashtra Wire

IIT तकनीक से बदलेगी दिल्ली की हवा, पहली बार लगी डस्ट कलेक्टर मशीनें
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए राजधानी में पहली बार स्मार्ट डस्ट कलेक्टर मशीनों की शुरुआत की गई है। इस नई तकनीक के तहत पश्चिमी दिल्ली के कीर्तिनगर इलाके में 21 अत्याधुनिक पोल-माउंटेड डस्ट कैचर मशीनें परीक्षण के तौर पर लगाई गई हैं। खास बात यह है कि इन मशीनों को स्ट्रीट लाइट पोल पर स्थापित किया गया है, जिससे अलग से अतिरिक्त जगह की जरूरत नहीं पड़ती और इन्हें आसानी से शहर के विभिन्न हिस्सों में लगाया जा सकता है। ये मशीनें फिल्टर-लेस तकनीक पर आधारित हैं, जो हवा में मौजूद धूल, धुआं और अन्य प्रदूषक कणों को साफ करने में सक्षम हैं। दावा किया जा रहा है कि एक मशीन एक घंटे में लगभग 3 लाख लीटर हवा को शुद्ध कर सकती है। मशीन प्रदूषित हवा को इनलेट के जरिए अंदर खींचती है और उसे साफ कर आउटलेट के माध्यम से बाहर छोड़ती है। इसके साथ एक विशेष कलेक्शन बॉक्स भी लगाया गया है, जिसमें हवा से निकले प्रदूषक कण जमा होते रहते हैं। जब बॉक्स में करीब 2.5 किलो प्रदूषक कण इकट्ठा हो जाते हैं, तो मशीन अपने कंट्रोल सेंटर को स्वतः सूचना भेज देती है। इसके बाद बॉक्स को बदलकर मशीन को दोबारा सक्रिय कर दिया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, जमा किए गए प्रदूषक तत्वों को कम्प्रेस कर भविष्य में ईंटों के निर्माण में इस्तेमाल करने की योजना भी बनाई जा रही है, जिससे कचरे का दोबारा उपयोग संभव हो सकेगा। फिलहाल ये मशीनें बिजली से चलाई जा रही हैं, लेकिन भविष्य में इन्हें सौर ऊर्जा से संचालित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सोलर पैनल आधारित सिस्टम विकसित करने पर काम चल रहा है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल साबित होता है, तो दिल्ली के अन्य प्रदूषण प्रभावित इलाकों में भी बड़े स्तर पर ऐसी मशीनें लगाने की योजना बनाई जाएगी। इस तकनीक का चयन IIT दिल्ली द्वारा आयोजित इनोवेशन चैलेंज के तहत किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल स्थानीय स्तर पर वायु प्रदूषण को कम करने में प्रभावी साबित हो सकती है। दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने भी इस परियोजना का निरीक्षण किया और इसे राजधानी की हवा को साफ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।